Wednesday, 14 June 2017

जीवन गीत

-------------------------------
एहसास नया आ जाने तक                
विश्वास नया आ जाने तक             
जीवन कि उजरी बगिया  मे 
ऋतुराज नया आ जाने तक 
यौवन को फ़िर् इठिलाने तक 
रूठे चेहरे मुस्काने तक 

जो टुट-फ़ुट कर बिखर गये 
उन कलियो के खिल जाने तक 
कोयल के मिठे तानो  से 
सुनेपन के मिट जाने तक 
नव सृर्जन को जारी रख्खो 
मधुमय वसन्त आ जाने तक 
जीवन को फ़िर् मुस्काने तक 
तुफ़ानो को थम जाने तक 
बारिश के मोती आने तक 
जीने कि आस लग रख्खो              

जीवन  बगिया मुस्काने तक 
अंधिआरो को छट जाने तक 

एक राह् नयी पा  जाने  तक 
जीवन मे ज्योति जला रख्खो 
एक नयी किरन के आने तक !!

No comments:

Post a Comment