वो हर दफा खंजर चलाये ,हम हर दफा सहते रहे
कुछ इस तरह हमने निभाई ,बेवफ़ाई यार की //
वो बारहा लूटते रहे ,हम हर दफा लुटते रहे
कुछ इस कदर बीती जवानी सबर करते खार की //
हम जोड़ कर भी खुश न थे ,वो तोड़ कर भी खुश हुए
कुछ इस तरह टूटी पुरानी सिलसिला जज्बात की //
कुछ इस तरह हमने निभाई ,बेवफ़ाई यार की //
वो बारहा लूटते रहे ,हम हर दफा लुटते रहे
कुछ इस कदर बीती जवानी सबर करते खार की //
हम जोड़ कर भी खुश न थे ,वो तोड़ कर भी खुश हुए
कुछ इस तरह टूटी पुरानी सिलसिला जज्बात की //
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